Tuesday, 8 July 2014

गुस्सा आता है....

आज हमारी सरकार कॉर्पोरेट को सब्सिडी 5.3 लाख करोड़ देती है और ग़रीबो को दी जाने वाली सब्सिडी केवल 2.5 लाख करोड़ है|

लेकिन किसी को भी अच्छा नही लगता है कि ग़रीबो को क्यो कुछ दिया जा रहा है| वो भूखा मर जाए|

मानरेगा को बंद कर दो| फुड सब्सिडी बिल को न लाओ| ग़रीबो को ये क्यो दिया जाता है ?

सब कोई चाहता है की सब कुछ मुझे ही दे दे| मेरी सहनभूति है ऐसे मन्द्बुधि वाले लोगो के साथ|

कोई ना साहब ग़रीब तो मरने के लिए ही पैदा होता है|

याद करो............

ए रिक्शा वाले साले देख के चला साले हरामी कहाँ कहाँ से आ जाते है?

सत्येंद्र पटेल